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सही करियर कैसे चुनें

apne career ko kaise banaye
sahi career kaise chune

 करियर क्या है?  

     इस प्रश्न का सही उत्तर दे पाना सायद किसी के लिए संभव हो।  क्योकि करियर शब्द की परिभाषा सबके लिए अलग -अलग होता है। यदि किसी डॉक्टर से पूछा जाये कि करियर क्या है? तो वह अपने जीवन में प्राप्त उपलब्धियों के आधार पर जबाब देगा। ठीक वैसे ही अन्य पेशे से जुड़े लोग भी इसी तरह के उत्तर देंगे। 
     करियर अप्रत्यक्ष है, जो व्यक्ति के कर्मो से प्रत्यक्ष होता है। साधारणतः लोग करियर शब्द की परिभाषा  लोगो के पास संचित साधनो की संख्या के आधार पर करते है।  जिसके पास जितने साधन अधिक है। उस व्यक्ति का करियर उतना ही सटल माना जाता है। परन्तु मै आपको बताना चाहता हु कि यह भ्रमित धरना है। क्योकि करियर शब्द की परिभाषा में किसी भी व्यक्ति का सम्पूर्ण जीवन समाहित होता है।  
     करियर में सुख-दुःख, मान-सम्मान, धन-सम्पदा के साथ चरित्र निर्माण का विषय भी आता है। परन्तु आज लोगो का केबल एक ही मकसद है कि किसी भी प्रकार से धन एकत्र किया जाए। करियर वह विषय है जिसमे व्यक्ति जीवन में प्राप्त साधनो पर गर्व कर सके, मन में संकोच,अफ़सोस ,भय,ग्लानि विल्कुल न हो, जिसके बारे में दूसरो को बताने में खुसी प्राप्त हो, दूसरा आपसे प्रेरणा प्राप्त करे,जिसमे रहस्य कुछ भी न हो,शास्त्र जिसको उचित माने। मेरे विचार से करियर शब्द की परिभाषा यही होनी चाहिए। साथियो आपके विचार से क्या होना चाहिए।  कमेंट में बताइएगा।

     जब तक हमारी उम्र खेलने कूदने तक का होता है। तब तक हम करियर से बेफिक्र रहते है। जिस दिन से हमें यह लगने लगता है कि हमें कुछ करना चाहिए। जिस दिन से आपको यह लगे कि माता-पिता या अभिभावक हमारे ऊपर कुछ जिम्मेदारियां सौप रहे है। जिस दिन आपके मिलने बाले लोगो के बेहतर जीवन शैली से आपके मन में कुछ करने का विचार उत्पन्न हो। उसी दिन से हमारे सामने करियर की चुनौती उभर के आती है।
     आज जबकि सभी व्यक्ति करियर को लेकर परेशान और विचलित है। इसका मुख्य कारण सिमित साधनो की उपलब्धता है। यह स्वभाबिक ही है। इसलिए आपको इस लेख के अध्ययन के बाद करियर चुनाव करने में आसानी होगी।

करियर के प्रकार 

     अब हमारे मन में प्रश्न यह है कि करियर कितने प्रकार के है। तो इस प्रश्न का उत्तर मेरे विचार से यह है कि इस दुनिया में जितने प्रकार के कर्म है। उतने ही प्रकार के करियर हो सकते है। क्योकि जो जिस काम को औरो से विशेष करता है। उस काम में उसे करियर सटल करने का अवसर प्राप्त हो सकता है। फिर भी आज जितने भी लोगो का करियर सटल देखने को मिलता है। उन लोगो के करियर को हम दो भागो में समझ सकते है -

1- नॉन प्रीप्लानिंग करियर :-  

          नॉन प्रीप्लानिंग करियर वह है। जिसमे व्यक्ति को यह पता नहीं होता है कि वह जीवन में किस तरह की उपलब्धियों को प्राप्त करना चाहता है। फिर भी उनके जीवन में अनायस कोई उपलब्धि हो जाए। तो उसको हम नॉन प्रीप्लानिंग करियर कहेंगे। ऐसे लोगो की संख्या लगभग 75% है। और इस श्रेणी में सामान्य व गरीब तबके लोग ज्यादा आते है। क्योकि सामान्य व गरीब तबके के लोग अपना जीवन और अपना परिवार दोनों सीमित साधनो से बिताते है। इसलिए वह अपने व अपने बच्चो के लिए चाहकर भी कुछ प्लान नहीं कर पाते है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इस श्रेणी के लोग वेल करियर सटल नहीं कर पाते है। इसके विपरीत कुछ लोग अच्छा करियर अचीव करते है। पर एक बात यह भी सत्य है कि नॉन प्रीप्लानिंग करियर बाले लोग किसी तरह अपना सम्पूर्ण जीवन बिताते है। 

2- प्रीप्लानिंग करियर :-

     प्रीप्लानिंग करियर में व्यक्ति पहले से ही प्लान करके उसी दिशा में प्रयास करता है। जो वह जीवन में प्राप्त कर सकता है। जैसे कोई शिक्षक बनना चाहता है, तो वह उसी दिशा में पढ़ाई व मेहनत करता है। कोई डॉक्टर,इंजीनियर,पायलट ,या और कुछ जो वह बनना चाहता है। वही बो करता है। 
     ऐसे लोगो की संख्या लगभग 25% है। दरअसल ऐसे लोग ही ज्यादा कामयाब होते है। इसलिए व्यक्ति को अपने जीवन में कुछ प्लान करके उसी दिशा में प्रयास करना चाहिए। क्योकि वर्तमान का दौर कठिन दौर है इसलिए प्रीप्लानिंग अवश्य होनी चाहिए। सक्षम लोग अपने व अपने बच्चो के लिए पहले से ही करियर प्लान करके उनको सटल करने में मदद कर रहे है। 

सही करियर चुनने से पहले पढ़े इन तथ्यों को

     करियर सम्बन्धी परिभाषा व प्रकारो को समझने के बाद अब हमारे मन में प्रश्न यह है कि सही करियर का चयन कैसे करे ? तो आइये हम आपकी कुछ मदद करते है। जिसके अध्ययन के बाद आपको सही करियर के चयन में मदद अवश्य मिलेगी:-
१ आकलन :- आत्म चिंतन और ध्यान साधना के माध्यम से अपने अंदर छुपे प्रतिभा को पहचानने की कोशिश करे कि भगवान ने हमारे अंदर कौनसी विशेष योग्यता दी है। जिसको हम औरो से वेहतर कर सकते है। 
२  रुचि :- अपनी रुचि के अनुसार काम का चयन करे। क्योकि जिस काम में हमारी रुचि नहीं होती है। उस काम में हम कदापि कामयाब नहीं हो सकते है। और हमारा मन हमेशा उदास रहेगा। 
३ परामर्श :- करियर चयन में जब हमारा मन भ्रमित हो कि हमें क्या करना चाहिए। तो हमें विशेषज्ञ एवं अनुभवी लोगो से तथा माता -पिता और सीनियर्स से परामर्श लेना चाहिए। 
४ आदर्श अनुसरण:- अपने जीवन में किसी को आदर्श मानकर उनका अनुसरण करे। इससे भी करियर चयन में मदद मिलेगी।
५ नोकप्रोमिसे :-करियर सटल करने के जल्दबाजी में आप किसी कार्य को अपनाकर जल्दबाजी न करे। बरना बाद में पछताना पड़ेगा। और आपका बहुत कीमती समय बेकार हो जायेगा। 
६ प्रीप्रेक्टिस :- यदि आपको करियर चयन करने में परेशानी हो रही हो तो आप कुछ कामो को थोड़े समय के लिए प्रैक्टिस के तौर पर करके देख सकते हो। इससे भी आपको करियर चयन करने में मदद मिलेगी। 
७ विश्वास एवं लगन :- करियर चयन के रस्ते में विश्वास और लगन का भी बहुत महत्व है। इसलिए अपने ऊपर, अपने काम के ऊपर एवं भगवान के ऊपर विश्वास होनी चाहिए। तथा दूसरा अपने काम को लगन से अंजाम देने की कोशिश करे। 
८ भगवान में निष्ठा :-  इस दुनिया में सबसे ऊपर ईश्वर है। उनके इच्छा के विरुद्ध कोई न कामयाब हुआ है और न ही होगा। इसलिए ईश्वर पर पूर्ण निष्ठां होनी चाहिए। 
    साथियो हम आपको विश्वास दिलाते है कि सही करियर कैसे चुने इसके लिए हमारी लेख से आपको मदद अवश्य मिलेगी। फिर भी यदि आपके मन में कोई सबल हो तो हमें जरूर लिखे। हम आप सबका प्यार और आशिर्बाद प्राप्त करना चाहता हु। 
                                                                   
    


     


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